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लेखनी प्रतियोगिता -05-Sep-2023

दैनिक प्रतियोगिता \लेख 


गुरू दक्षिणा

मनुष्य के जीवन में शिक्षक गुरु का होना बेहद जरूरी है।चाहें वह प्रथम गुरु मां के रूप में हो या पिता के रूप में, बहन ,भाई,अपनी बहू बेटी, जीवन साथी, मित्र, नाते रिश्तेदार यहां तक कि पड़ोसी इन सभी से कुछ ना कुछ हमेशा सीखने को मिलता ही रहता है। इनके बिना जीवन की यात्रा में सफल नहीं हो सकते।हम सभी वह शिलाएं हैं, जिनका कोई मोल नहीं होता।शिक्षक उनको सुंदर रूप देकर उद्घार करते हैं।जन्म से लेकर मृत्यु तक शिक्षण प्रशिक्षण जरुरी हैं।
प्राचीन समय में भी ग्रंथों में गुरू के महत्व और गुरू दक्षिणा का वर्णन है!
द्रोणा चार्य  द्वारा एकलव्य से गुरू दक्षिणा में उसका अंगूठा मांग लेना सभी को ज्ञात है!
वेदों पुराणों में ही केवल गुरू दक्षिणा का प्रचलन नहीं रहा वरन आज भी कहा जाता है कि गुरू दक्षिणा दिए बिना ज्ञान फलित नहीं होता !
*गुरु बिन ज्ञान नहीं और गुरू दक्षिणा से बड़ा कोई दान नहीं*
कहा जाता है कि शीश देकर भी यदि जीवन में सद्गुरु मिल रहे हैं तो बना लो , वो भी कम दक्षिणा है। 

*ऊँ श्री गुरूवै नम:*🙏

अपर्णा गौरी शर्मा

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2 Comments

Abhinav ji

08-Sep-2023 09:29 AM

Nice

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Mohammed urooj khan

06-Sep-2023 11:13 AM

👌👌👌👌👌

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